शंखनाद

यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत | अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् || परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् | धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ||

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हाइकु बक्सा - आम आदमी

Posted On: 1 Dec, 2012 में

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1. नारों का लोभी
क्रियान्वन का काल
आम आदमी
………………………
2. मतहीन है
विचारों से दीन है
आम आदमी
………………………
3. अकर्मण्य है
जान के अनजान
आम आदमी
………………………
4. हाथ जोड़ता
छाती पीटना जाने
आम आदमी
……………………..
5. ठगा जाता है
लुटने का शौकीन
आम आदमी
……………………..
6. भेड़-बकरी
गदहा-छुछुंदर
आम आदमी
……………………..
7. साँप का विष
नेताओं का जनक
आम आदमी
……………………..
8. खुद भी चोर
दया की भीख माँगे
आम आदमी
……………………..
9. गुंडा-मवाली
गुंडों को जितवाता
आम आदमी
……………………..
10. बेचारा जीव
घड़ियाल का बाप
आम आदमी
………………………
11. काँटे की जड़
संसद है आईना
आम आदमी

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6 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

yogi sarswat के द्वारा
December 5, 2012

अकर्मण्य है जान के अनजान आम आदमी ……………………… 4. हाथ जोड़ता छाती पीटना जाने आम आदमी सही परिभाषा और सही पहिचान मित्रवर कुमार गौरव जी !

rekhafbd के द्वारा
December 4, 2012

गौरव जी ,आम आदमी पर बहुत सुंदर हाइकु रचने पर हार्दिक बधाई

minujha के द्वारा
December 4, 2012

गौरव भाई नमस्कार आपके हाईकु बहुत कुछ कहते है बधाई

akraktale के द्वारा
December 4, 2012

गौरव जी             सादर, सुन्दर हाईकु  की प्रस्तुति पर बधाई स्वीकारें.

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
December 2, 2012

प्रिय कुमार , सस्नेह आम आदमी पर इतने वाह बधाई

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
December 2, 2012

मान्य कुमार गौरव अजीतेंदु जी, सस्नेह ननन ! बिलकुल नियमानुकूल ! सटीक समसामयिक चित्रण हाइकु में अच्छा लगा ! बधाई !


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